Massive Crackdown: दिल्ली पुलिस की वेस्टर्न रेंज ने ऑपरेशन क्लीन स्वीप में 260 अफ्रीकन नागरिकों को गिरफ्तार किया। 30 टीमों ने द्वारका, वेस्ट और आउटर डिस्ट्रिक्ट में छापेमारी की। 26 NDPS एक्ट और 14 फॉरेनर्स एक्ट के तहत केस दर्ज। 25 मकान मालिकों पर कार्रवाई। ड्रग्स बरामद, ओवरस्टे वीजा वाले डिपोर्ट किए जाएंगे। जॉइंट सीपी जतिन नरवाल के नेतृत्व में जीरो टॉलरेंस पॉलिसी।

Massive Crackdown: ऑपरेशन क्लीन स्वीप: 30 टीमों, 600 पुलिसकर्मियों का मेगा अभियान
ऑपरेशन क्लीन स्वीप की शुरुआत डीसीपी अंकित सिंह (द्वारका), डीसीपी शरद भास्कर (वेस्ट), डीसीपी सचिन शर्मा (आउटर) के निर्देशन में हुई। 30 स्पेशल टीमें गठित की गईं। 4 एसीपी, 20 इंस्पेक्टर और 600 पुलिसकर्मी तैनात। इंस्पेक्टर कमलेश कुमार (AATS), इंस्पेक्टर सुभाष चंद (एंटी नारकोटिक्स), इंस्पेक्टर विश्वेंद्र (स्पेशल स्टाफ) ने लीड किया। एसीपी राज कुमार (दाबड़ी) ने सुपरविजन संभाला। सुबह 5 बजे से रात तक छापे चले।
Police Crackdown: नशे की लत ने बनाया खूंखार अपराधी, 17 केस अब सलाखों के पीछे।
260 अफ्रीकन हिरासत में: 210 पुरुष, 68 महिलाएं, 9 CCL
द्वारका डिस्ट्रिक्ट से 210 अफ्रीकन, तिलक नगर से 45, आउटर डिस्ट्रिक्ट से 21 पकड़े गए। इनमें 6 भारतीय नागरिक भी शामिल। नाइजीरिया से 276, आइवरी कोस्ट से 9, लिबेरिया से 2, सेनेगल, सिएरा लियोन, घाना, कैमरून, युगांडा, केन्या, जिम्बाब्वे से 1-4 लोग। वीजा एक्सपायर्ड या अवैध रूप से रह रहे थे। कुछ के पास ड्रग्स बरामद हुए। FRRO से वेरिफिकेशन चल रहा है।

ड्रग्स बरामद, 26 NDPS और 14 फॉरेनर्स एक्ट केस दर्ज
छापों में ड्रग्स (कोकीन, गांजा, हेरोइन) बरामद। 26 केस NDPS एक्ट और 14 फॉरेनर्स एक्ट के तहत दर्ज। 49 अफ्रीकन आपस में झगड़े पर 126/170 BNSS में बुक। वैध वीजा-पासपोर्ट वाले कुछ अफ्रीकन वेरिफिकेशन के बाद रिहा। डिपोर्टेशन प्रक्रिया शुरू।
25 मकान मालिकों पर कार्रवाई: फॉर्म-II भरना अनिवार्य
25 मकान मालिकों की पहचान हुई, जिन्होंने बिना इंटिमेशन विदेशियों को किराए पर घर दिए। इमिग्रेशन एंड फॉरेनर्स एक्ट 2025 के तहत फॉर्म-II भरना जरूरी। एक दिन के लिए भी विदेशी रहता है तो सूचना देनी होगी। पुलिस ने चेतावनी दी – उल्लंघन पर सख्त कार्रवाई।
बिंदापुर, दाबड़ी, उत्तम नगर: ड्रग्स का अड्डा बना इलाका
बिंदापुर, दाबड़ी, उत्तम नगर, मोहन गार्डन, तिलक नगर, निहाल विहार में अवैध विदेशी बस्तियां। शिकायतें थीं – ड्रग्स सप्लाई, ओवरस्टे, अनधिकृत रहवास। पुलिस ने मैपिंग की और बीट-वाइज ऑपरेशन चलाया। एक्स्ट्रा स्टाफ अन्य थानों से बुलाया गया।
जॉइंट सीपी जतिन नरवाल की जीरो टॉलरेंस पॉलिसी
जॉइंट सीपी जतिन नरवाल ने कहा, “ड्रग्स और अवैध प्रवास पर कोई समझौता नहीं।” स्पेशल सीपी मधुप तिवारी ने सीपी के निर्देश पर ऑल-आउट एक्शन का आदेश दिया। यह वेस्टर्न रेंज की सबसे बड़ी कार्रवाई है।
एसीपी राज कुमार की टीम ने संभाला मोर्चा
एसीपी राज कुमार (दाबड़ी) ने 30 टीमों का सुपरविजन किया। एसीपी प्रकाश कुमार (नजफगढ़), एसीपी जय प्रकाश (ऑप्स आउटर), एसीपी गरिमा तिवारी (तिलक नगर) ने फील्ड में लीड किया। SHO उत्तम नगर, बिंदापुर, दाबड़ी, मोहन गार्डन ने घर-घर सर्च किया।
वैध दस्तावेज वाले रिहा, अवैधों का डिपोर्टेशन शुरू
वैध वीजा-पासपोर्ट वाले अफ्रीकन वेरिफिकेशन के बाद रिहा। ओवरस्टे वाले FRRO को सौंपे गए। डिपोर्टेशन प्रक्रिया शुरू। पुलिस ने कहा – यह अभियान नियमित रूप से चलेगा।

मकान मालिकों को चेतावनी: फॉर्म-II न भरने पर जेल
पुलिस ने लैंडलॉर्ड्स को साफ चेतावनी दी – विदेशी किराएदार के लिए फॉर्म-II अनिवार्य। एक दिन का भी रहवास बिना सूचना = कानूनी कार्रवाई। पहले से चल रहे केस तेज होंगे।
दिल्ली पुलिस की लगातार मुहिम: ड्रग्स मुक्त भारत का संकल्प
यह पहला मौका नहीं। दिल्ली पुलिस ड्रग्स के खिलाफ लगातार अभियान चला रही है। द्वारका, वेस्ट, आउटर में पहले भी कई ऑपरेशन हुए। सीपी दिल्ली के निर्देश – “ड्रग्स का जड़ से खात्मा।” यह कार्रवाई उसी संकल्प का हिस्सा है।
ऑपरेशन क्लीन स्वीप ने साबित किया कि कानून की नजर से कोई बच नहीं सकता। 260 गिरफ्तारी, 40 केस, 25 मकान मालिकों पर एक्शन – दिल्ली पुलिस की यह कार्रवाई ड्रग्स मुक्त भारत की दिशा में मील का पत्थर है। जॉइंट सीपी जतिन नरवाल ने कहा, “यह सिर्फ शुरुआत है।”

| पॉइंट | विवरण |
|---|---|
| ऑपरेशन का नाम | ऑपरेशन क्लीन स्वीप (Operation Clean Sweep) |
| तारीख | 9 नवंबर 2025 (रविवार) |
| क्षेत्र | वेस्टर्न रेंज – द्वारका, वेस्ट, आउटर डिस्ट्रिक्ट (बिंदापुर, दाबड़ी, उत्तम नगर, मोहन गार्डन, तिलक नगर, निहाल विहार) |
| कुल गिरफ्तार/हिरासत | 260 अफ्रीकन नागरिक (210 पुरुष, 68 महिलाएं, 9 CCL, 6 भारतीय) |
| देशवार ब्रेकअप | नाइजीरिया: 276, आइवरी कोस्ट: 9, लिबेरिया: 2, सेनेगल: 1, सिएरा लियोन: 3, घाना: 4, कैमरून: 3, युगांडा: 1, केन्या: 1, जिम्बाब्वे: 1 (FRRO से वेरिफिकेशन जारी) |
| कुल टीमें | 30 टीमें (4 ACP, 20 इंस्पेक्टर, 600 पुलिसकर्मी) |
| मुख्य लीडर | स्पेशल सीपी: मधुप तिवारी, जॉइंट सीपी: जतिन नरवाल, डीसीपी: अंकित सिंह (द्वारका), शरद भास्कर (वेस्ट), सचिन शर्मा (आउटर) |
| सुपरविजन | ACP राज कुमार (दाबड़ी), ACP प्रकाश कुमार (नजफगढ़), ACP जय प्रकाश (ऑप्स आउटर), ACP गरिमा तिवारी (तिलक नगर) |
| कानूनी कार्रवाई | 26 NDPS एक्ट केस, 14 फॉरेनर्स एक्ट केस, 49 अफ्रीकन पर 126/170 BNSS, 25 मकान मालिकों पर केस |
| बरामदगी | ड्रग्स (कोकीन, गांजा, हेरोइन आदि) |
| डिपोर्टेशन | ओवरस्टे वीजा वाले अफ्रीकनों की डिपोर्ट प्रक्रिया शुरू |
| मकान मालिकों को चेतावनी | फॉर्म-II भरना अनिवार्य (इमिग्रेशन एंड फॉरेनर्स एक्ट 2025) |
| विशेष | वैध दस्तावेज वाले रिहा, अवैधों पर सख्त कार्रवाई, अभियान नियमित चलेगा |



