DELHI POLICE ARREST: “दिल्ली पुलिस के उत्तर-पश्चिमी जिला स्पेशल स्टाफ ने हाई-टेक निगरानी और सोशल मीडिया मॉनिटरिंग की मदद से अशोक विहार मामले में वांछित और कुख्यात अपराधी राहुल @ मताद को गिरफ्तार किया। जानें पूरी घटना, जांच प्रक्रिया और आरोपी की आपराधिक पृष्ठभूमि इस खबर में।”

दिल्ली पुलिस की धांसू कार्रवाई: कुख्यात अपराधी गिरफ्तार
दिल्ली पुलिस के उत्तर-पश्चिमी जिला की स्पेशल स्टाफ टीम ने अशोक विहार थाने के हत्या के प्रयास मामले में वांछित और कुख्यात अपराधी राहुल उर्फ मताद पुत्र लाल बहादुर, उम्र 25 वर्ष, निवासी झुग्गी नं. D-333, एसएस नगर, WPIA, दिल्ली को सफलतापूर्वक गिरफ्तार कर महत्वपूर्ण सफलता हासिल की है। इस कार्रवाई ने केवल हत्या के प्रयास के मामले (FIR No. 190/25, धारा 109(1)/115(2)/3(5) BNS एवं 25/27 आर्म्स एक्ट) को सुलझाया, बल्कि पुराने गंभीर अपराधों को भी पुन: उजागर किया, जिसमें आरोपी पहले भी हत्या के एक मामले (FIR No. 339/2019, PS अशोक विहार) में संलिप्त रह चुका है।
DELHI POLICE ARREST: अशोक विहार हत्या प्रयास मामला क्या था?
दिनांक 02.04.2025 को अशोक विहार निवासी मिस. मिशिका (आयु 18 वर्ष) ने पुलिस को शिकायत दी थी कि लगभग 1:00 बजे चार व्यक्तियों — साहिल उर्फ चिकना, दिनेश उर्फ नंगा, राहुल उर्फ मताद, और कृष्ण झा — ने उनके चाचा प्रदीप के साथ विवाद किया, जिसमें अपमानजनक व्यवहार के साथ शारीरिक हमला हुआ। जब मिशिका ने हस्तक्षेप किया, तो दिनेश ने पिस्तौल के बट से मिशिका को मारकर गिरा दिया। इसी दौरान दिनेश ने प्रदीप को गोली मारने का प्रयास किया, जिसमें प्रदीप बाल-बाल बच गए।
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घटना के तुरंत बाद, थाना अशोक विहार में FIR No. 190/25, धारा 109(1), 115(2), 3(5) BNS और 25/27 आर्म्स एक्ट के अंतर्गत मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई थी।
जांच और गिरफ्तारी कैसे हुई?
जांच में सामने आया कि सिवाय राहुल उर्फ मताद के, अन्य आरोपियों को पुलिस पहले ही गिरफ्तार कर चुकी थी। राहुल लगातार फरार रहा, उसके खिलाफ गैर-जमानती वारंट (NBW) जारी किए गए, लेकिन वह पुलिस की पकड़ में नहीं आया। अपराध की गंभीरता को देखते हुए इंस्पेक्टर सोमवीर सिंह, I/C स्पेशल स्टाफ, उत्तर-पश्चिमी जिला की अगुवाई में एक विशेष टीम गठित की गई। इस टीम में एसआई सुमित कालकल, एएसआई सोमवीर, एचसी सचिन, एचसी नवीन नारवाल, एचसी हरीश, एचसी अमित, एचसी राजीव, कांस्टेबल ओमवीर, महिला एचसी रितु और महिला कांस्टेबल कोमल शामिल थीं।
टीम ने आरोपी का डिजिटल पदचिह्न आईपी और सोशल मीडिया के माध्यम से ट्रेस किया। महिला कांस्टेबल कोमल ने सोशल मीडिया पर उसके संपर्क में आकर बात की और बातचीत को आगे बढ़ाया। लगभग एक माह तक लगातार संवाद के बाद आरोपी को एक निर्धारित स्थान पर बुलाया गया, जहां जाल बिछाकर उसे सफलतापूर्वक गिरफ्तार कर लिया गया।
आरोपी की पूछताछ और पुलिस टीम और टेक्नोलॉजी की भूमिका
पूछताछ में आरोपी ने अपनी अपराध में संलिप्तता स्वीकार की और सहयोगी आरोपियों के नाम बताए। उसने घटना के वक्त व्यक्तिगत विवाद के कारण प्रदीप और मिशिका के साथ अभद्रता एवं शारीरिक हमला स्वीकारा। पुलिस ने आरोपी के पुराने रिकॉर्ड की तफ्तीश की, जिसमें उसने बताया कि 2019 में भी वह अशोक विहार थाने में एक हत्या के मामले में आरोपी रह चुका है (FIR No. 339/2019)। साथ ही अन्य मामलों में संभावित संलिप्तता की जांच की जा रही है।
आरोपी का प्रोफाइल
- नाम: राहुल उर्फ मताद
- पिता: लाल बहादुर
- पता: झुग्गी नं. D-333, एसएस नगर, WPIA, दिल्ली
- उम्र: 25 वर्ष
- पिछला रिकॉर्ड: 01 हत्या का मामला एवं अन्य क्राइम रिकॉर्ड
पुलिस की रणनीति और सफलता
इस गिरफ्तारी में टीम की तकनीकी निगरानी, क्षेत्रीय खुफिया जानकारी, और सोशल मीडिया मॉनिटरिंग अहम रही। विशेष रूप से महिला कांस्टेबल कोमल का सोशल मीडिया के ज़रिए संवाद, आरोपी तक पहुंचने के लिए निर्णायक साबित हुआ। थाने की स्पेशल स्टाफ टीम ने आरोपी की डिजिटल पहचान और लोकेशन को सत्यापित कर उसे जाल में फंसा लिया, जिससे अशोक विहार के गंभीर अपराध को सुलझाया गया।
दिल्ली पुलिस उत्तर-पश्चिमी जिला की स्पेशल स्टाफ टीम ने तत्परता से कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर कानून व्यवस्था को मजबूत किया। पुलिस उपायुक्त भीष्म सिंह (आईपीएस), उत्तर-पश्चिमी जिला, दिल्ली द्वारा टीम की उपलब्धि की सराहना की गई है। साथ ही यह गिरफ्तारी बताती है कि दिल्ली पुलिस अपराधियों की डिजिटल गतिविधियों, सोशल मीडिया और नए तकनीकी साधनों का उपयोग करके अपराधियों की खोज में अब पूरी तरह दक्ष हो चुकी है।
यह मामला पुलिस की चुस्त और व्यापक रणनीति का उत्कृष्ट उदाहरण है, और दिल्ली पुलिस के प्रयासों को सबूत है कि कानून के डर से कोई भी अपराधी हमेशा लंबे समय तक फरार नहीं रह सकता।
यह घटना, गिरफ्तारी और जांच से जुड़ी पूरी जानकारी को नीचे दिए गए विस्तृत टेबल में प्रस्तुत किया गया है:
| विषय | विवरण |
|---|---|
| घटना का दिनांक | 02 अप्रैल 2025 |
| FIR नंबर | 190/25, PS अशोक विहार |
| धाराएँ | 109(1)/115(2)/3(5) BNS, 25/27 आर्म्स एक्ट |
| शिकायतकर्ता | मिस. मिशिका (उम्र 18 वर्ष), निवासी WPIA, अशोक विहार |
| पीड़ित | प्रदीप (चाचा) |
| मुख्य आरोपी | राहुल @ मताद पुत्र लाल बहादुर, निवासी झुग्गी नं. D-333, एसएस नगर, WPIA, दिल्ली, उम्र 25 वर्ष |
| अन्य आरोपी | साहिल @ चिकना, दिनेश @ नंगा, कृष्ण झा |
| घटना का विवरण | व्यक्तियों ने विवाद के दौरान प्रदीप का अपमान कर शारीरिक हमला किया, दिनेश ने पिस्तौल से जानलेवा हमले की कोशिश की |
| गिरफ्तारी प्रक्रिया | सभी आरोपी (राहुल को छोड़कर) पहले गिरफ्तार, राहुल पर गैर-जमानती वारंट जारी, स्पेशल टीम द्वारा निगरानी और सोशल मीडिया से तलाश |
| टीम | इंस्पेक्टर सोमवीर सिंह और विशेष टीम, महिला कांस्टेबल कोमल की अहम भूमिका |
| निगरानी विधि | तकनीकी, क्षेत्रीय खुफिया व सोशल मीडिया के जरिए लोकेशन ट्रेस |
| गिरफ्तारी | टीम द्वारा जाल बिछाकर आरोपी राहुल @ मताद को गिरफ्तार किया |
| पूछताछ | आरोपी ने अपराध और साथियों की संलिप्तता कबूल की |
| पुराना रिकॉर्ड | FIR No. 339/2019, पूर्व हत्या का मामला |
| पुलिस अधिकारी | (भीष्म सिंह) आईपीएस, उपायुक्त पुलिस, उत्तर-पश्चिम जिला, दिल्ली |
| पुलिस की रणनीति और सफलता | पुलिस ने हाई-टेक और टीम वर्क से वांछित कुख्यात अपराधी को पकड़ा और गंभीर अपराध सुलझाया |



